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कुछ समय पहले ही मुझे मेरे जन्म स्थान कश्मीर और ज्ञानियों की नगरी काशी के आपस के संबंध के बारे में पता चला। इस ने मेरी रुचि को बढ़ा दिया और वाराणसी के बारे में और जाने की मेरी इच्छा बढ़ती गई। जैसे-जैसे मैं इस नगरी के बारे में और जानती गई, मैं इसकी ओर खिंचती चली गई। क्या यह एक धार्मिक जगह है या एक ऐतिहासिक जगह? आध्यात्मिक या शैक्षिक? जल्द ही मुझे ये सब पता चलने वाला था और इसके अलावा बहुत कुछ और भी।अगर आप बनारस जाने का प्लान कर रहे हों तोह इस पोस्ट को जरूर पढ़िएगा. उम्मीद करती हूँ मेरे ट्रेवल टिप्स आपके काम आएंगे #lighttravelaction #hindi #hindiblogpost #indiatravel #incredibleindia #वाराणसी #वाराणसीदर्शनीयस्थल #सारनाथदर्शनीयस्थल #बनारसकीमशहूरचीज

बनारस में ये ग्यारह जगह नहीं देखी तो क्या देखा?

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यू मॉरिंगखेंग (U Mawryngkhang) पत्थर वाह खेन (Wahkhen) गांव में है और इस ट्रैक को यू मॉरिंगखेंग ट्रेक या पूर्वी खासी पहाड़ियों का बंबू ब्रिज ट्रेक ( U Mawryngkhang trek / Bamboo Bridge trek of East Khasi Hills) भी कहा जाता है ।अधिक जानने के लिए लिंक पर क्लिक करें। #pinterestinhindi #hinditravelblog #meghalayainhindi # Mawryngkhangtrek #bambootrekinhindi #meghalayatrek #offbeatindia

मॉरिंगखेंग ट्रेक (Mawryngkhang Trek in Wahkhen) – मेघालय के वाह खेन गांव में पत्थरों के राजा से मुलाक़ात

‘वाह’ का अर्थ है नदी और ‘खेन’ का अर्थ है बहना । मॉरिंगखेंग ट्रेक (Mawryngkhang Trek) का मतलब है झाड़ू की सींखों के खेतों पर बने बम्बू के पुलों और पथरीली चट्टानों का सफर ।… मॉरिंगखेंग ट्रेक (Mawryngkhang Trek in Wahkhen) – मेघालय के वाह खेन गांव में पत्थरों के राजा से मुलाक़ात